Latest / The Horror Show by Karnik / Laxmi, Teddy ya Jinn: Episode 34 | Hindi Horror Stories | The Horror Show By Karnik
Transcript
- 0:00इंडिया में हजारों लोग तो हैं पर भीड़ के बीच में कितने अकेली
- 0:05जिंदगी जीते हैं? और उन्हीं में से एक थी लक्ष्मी
- 0:09एक आम सी लड़की जो एक अजनबी टेडी बेयर अपने साथ अपने घर ले आई थी
- 0:14पर उस टेडी में कुछ तो था जो उसके चेहरे से मुस्कराहट।
- 0:19और ज़िन्दगी से सुकून छीनता जा रहा था।
- 0:22आखिर क्या था उस टेडी वेयर में? कहानी के एंड में आप ये खुद ही
- 0:27डिसैड करेंगे की वो आखिर हॉरर था या फिर कुछ और डर की इस नई दुनिया
- 0:36में आपका स्वागत है क्नॉइस। नमस्कार दोस्तों आप सुन रहे हैं
- 0:41दी हॉरर शो बाय कर्णिक इंडिया दुनिया के सबसे बड़े और आबादी में
- 0:47पहले नंबर पे आने वाले देशों में है।
- 0:50लोग तो हैं हजारों पर भीड़ में अक्सर सब अकेले ही रह जाते हैं ये
- 0:56कॉर्पोरेट की दुनिया। कभी जो 10 से छह की होती थी, अब
- 1:01साढ़े नौ से 10 में बदल गई है और ऐसी भागदौड़ में किसी के पास वक्त
- 1:06कहाँ बचा है? ऐसी ही भीड़ में अकेली थी एक
- 1:10लड़की लक्ष्मी। अगर मैं कहूं की वो हिंदी फ़िल्म
- 1:16की कोई हीरोइन थी, जिसके साथ अदब और जज्बात के अल्फाज़ घूमते हैं
- 1:22और जिसकी आहट से भी हवाएं चलने लगती हैं तो ये बिलकुल गलत होगा।
- 1:29वो तो बस एक आम सी लड़की थी। क्नॉइस।
- 1:31सुबह से शाम तक लोकल बस के धक्के खाने वाली ऑफिस की भागदौड़ में
- 1:37घिरी हुई एक सीधी साधी जिंदगी जीती हुई लक्ष्मी आइए शुरू करते
- 1:42है आज की कहानी। कहानी शुरू होती है उस दिन से जब
- 1:46लक्ष्मी को उसके कोलीग ने टेडी बीयर दिया।
- 1:50सोच रहे होंगे की ये लव स्टोरी है या हॉरर स्टोरी छोड़िए।
- 1:56वैसे भी लक्ष्मी के लिए वो सिर्फ एक दोस्त ही था।
- 1:59आखिर इस भागदौड़ भरी जिंदगी में प्यार का वक्त कहाँ मिलता है?
- 2:04लेकिन फिर भी लक्ष्मी ने बिना कुछ सोचे वो टेडी बीयर अपने पास रख
- 2:09लिया। करीब रात के साढ़े 8:00 बजे
- 2:12लक्ष्मी घर आती है। और घर तो क्या घर के नाम पर भले
- 2:16ही दो कमरे थे पर किराये के वो दो कमरों में भी लक्ष्मी को उतना ही
- 2:22सुकून मिलता था जितना किसी बच्चे को तकिये से बने हुए घरों में
- 2:26मिलता हो। गर्मियों के दिन थे लक्ष्मी टैडी
- 2:30बीयर को वहीं टेबल पे रख नहाने चली जाती है।
- 2:34फिर कुछ देर बाद लक्ष्मी जब वापस आती है और खाना परोसकर टेबल पर
- 2:39बैठती है तो उसकी नजर टैडी पर पड़ती है।
- 2:43वो टैडी जो उसने नहाने से पहले टेबल पर रखा था।
- 2:47उस टैडी की आंखें एकदम काली हो चुकी है।
- 2:51उसे देखकर ऐसा लग रहा था मानो किसी ने उस टैडी में जान भोंक दी
- 2:57हो। ये देख लक्ष्मी घबरा जाती है ये
- 3:01बात उसे खटकती तो है पर वो ज्यादा कुछ नहीं सोचती।
- 3:06और सो जाती है। कुछ दिन निकल जाते हैं।
- 3:10लक्ष्मी के दिमाग में वो बात उसे परेशान कर रही थी कि उस रात उस
- 3:16टैडी को क्या हुआ था। लक्ष्मी अपने सवालों की खोज में
- 3:20अपने कोलीग से बात करती है तो वो उसकी बात सुनकर।
- 3:24जोरों से हसने लगता है। लक्ष्मी को फिर यकीन हो जाता है
- 3:29कि वही इस बात को ज्यादा सोच रही है।
- 3:32तभी उस रात लक्ष्मी सोने के लिए जाती है कि उसे याद आता है कि वो
- 3:38अपने लिए आते वक्त पेस्ट्री लेकर आई थी, पर जैसे उसका खाने का मन
- 3:44ही नहीं होता। वो खुद ही खुद से पूछती है मैं
- 3:47क्यों लेके आई हूँ अब ले ही आई हूँ तो चलो खा लेती हूँ ये
- 3:52पेस्ट्री लक्ष्मी वो पेस्ट्री खाने के लिए फ्रिज ओपेन करती है
- 3:57और देखती है कि वो पेस्ट्री आंधी है जैसे क्नॉइस?
- 4:02किसी ने खा के वापस रख दी बंद फ्रिज में कौन खा सकता है वो
- 4:09पेस्ट्री? लक्ष्मी को ये बहुत अजीब लगता है
- 4:14पर लक्ष्मी फिर इस बात को नज़रअन्दाज़ करके सो जाती है।
- 4:19क्नॉइस। आखिर किसके पास टाइम है इन बातों
- 4:22को समझने का कि टेडी की आंखें कैसे काली हो गई या पेस्ट्री आंधी
- 4:28कैसे हो गई? मगर अक्सर जिन घटनाओं को हम नजर
- 4:32अंदाज कर देते हैं, वही 1 दिन मुसीबत बन जाती है।
- 4:36तभी उस रात करीब। 3:15 पर लक्ष्मी की आंख खुली और
- 4:42उसका गला सूख रहा था। लक्ष्मी पानी पीने उठती है तो वो
- 4:48देखती है कि फ्रिज में सारी बॉटल्स खाली हैं और मटके में अजीब
- 4:53से कीड़े तैर रहे हैं। लक्ष्मी घबरा जाती है और जैसे ही
- 4:58पीछे होती है उसका पैर जमीन में बिखरे कांच के टुकड़ों पर पड़ता
- 5:03है और उसके पैर से खून निकलने लगता है।
- 5:08लक्ष्मी देखती है कि उसके कांच के ग्लासेस टूटे हुए जमीन पर बिखरे
- 5:13पड़े हैं और वहीं उसके पास। वो काली आँखों वाला टैडी वैसे ही
- 5:19जमीन पे बैठा हुआ है। ये सब चीजें क्या अपने आप हो रही
- 5:24थी? लक्ष्मी उस पूरी रात नहीं सोई, ये
- 5:28कोई नहीं जानता था कि आखिर उसे हुआ क्या है?
- 5:31वो एकदम शांत क्यों हो गई? माथे पर शिकन और चेहरे पर घबराहट
- 5:38उसके साफ झलकती थी। लक्ष्मी के साथ आए दिन कुछ न कुछ
- 5:43बीत रहा था, कभी वो सोते सोते एकदम से रोने लगती थी तो कभी कभी
- 5:49ऐसे ही कमरे के आसपास घूमने लगती। कभी उसे लगता कि कोई उसे देख रहा
- 5:55है तो कभी उसे लगता कोई उसके सोफे पर बैठा है और एक रात लक्ष्मी के
- 6:02कमरे का दरवाजा बंद था। उस रात कुछ अजीब नहीं था मगर वो
- 6:08रात मानो साल की सबसे शांत रात थी।
- 6:12तभी अचानक इस शांत सन्नाटे को चीरती हुई एक आवाज आई ऐसा क्या
- 6:19हुआ था वहाँ की सारा मोहल्ला जग गया दरवाजे के उस तरफ ऐसा क्या
- 6:25था? वो आवाज उसके घर की सारी
- 6:29खिड़कियाँ टूटने गई जब लोग। लक्ष्मी के घर का दरवाजा तोड़कर
- 6:34अंदर गए तो उन्होंने वहाँ जो देखा वो देख उन्हें अपनी आँखों पे यकीन
- 6:40ही नहीं हुआ। वो देखते हैं कि लक्ष्मी तो फांसी
- 6:45के फंदे पर लटकी हुई है, उसका शरीर हवा में झूल रहा था और।
- 6:52पलंग के आसपास वैसी ही एक आंधी खाई हुई पेस्ट्री और दूसरी तरफ वो
- 6:59काली आँखों वाला टेडी बेयर पड़ा हुआ था।
- 7:03वो शरीर देख रेखा आंटी जो लक्ष्मी की लैंडलॉर्ड थी तंग रह जाती है।
- 7:09क्योंकि अभी कुछ ही दिन पहले लक्ष्मी और रेखा आंटी मिले थे।
- 7:14लक्ष्मी से बात हुई थी ऊपर से रेखा आंटी के दिमाग में वो सबकुछ
- 7:20घूमने लग जाता है। वो टेढ़ी, वो खिड़की वो पानी में
- 7:25तैरते हुए कीड़े वो सारी बातें जो लक्ष्मी ने उन्हें बताई थी।
- 7:30रेखा आंटी को लग रहा था कि मानो उस घर पे किसी का श्राप लग गया
- 7:35हो। उन्होंने वो घर फिर दोबारा कभी
- 7:37किसी को रेंट पे नहीं दिया और वो जैसे तैसे इस बात को भुलाने की
- 7:42कोशिश करती रही। फिर कुछ समय बाद जैसे हर कोई उस
- 7:47कमरे का रास्ता भूल गया हो। उस कमरे की तरफ कोई नहीं जाता था
- 7:53पर अनहोनी अपना रास्ता बना ही लेती है और जो उसके पास नहीं जाता
- 7:58वो खुद उसके पास आ जाती है। इस बात को करीब 2 साल बीत गए थे।
- 8:04एक रोज़ आंटी की बेटी रूहानी। आपको पता नहीं क्या सूझा और उसने
- 8:10वो कमरा खोल दिया और उस कमरे से वो वही टैडी अपने साथ ले है।
- 8:15मगर सोचने की बात ये थी कि उस बंद कमरे में वो टैडी वापस कहाँ से
- 8:21आया? अब उसकी आँखों के साथ साथ वो खुद
- 8:25पूरा काला हो चुका था। ये बात उसकी समझ से परे थी मगर
- 8:31रेखा आंटी को जब ये बात पता चली तो वो सब कुछ समझ चुकी थी।
- 8:36आंटी को याद थी वो टेडी वाली बात जो लक्ष्मी ने उन्हें बताई थी,
- 8:41क्योंकि अभी दो ही साल तो गुजरे थे उस लक्ष्मी वाले हादसे को।
- 8:47आंटी को सब एक साथ याद आने लगा। वो सारी बातें जो लक्ष्मी ने
- 8:52उन्हें बताई थी और लक्ष्मी की वो सारी अच्छी और डरावनी यादें टैडी
- 8:58की आँखों का काला हो जाना, वो डर जो कभी लक्ष्मी ने रोके उन्हें
- 9:03बताया था। आंटी को वो सब कुछ याद आ गया था
- 9:08रुश्याम रेखा आंटी गुमसुम एक अलग सी सोच में खोई हुई बैठी थी, एक
- 9:15अलग सा मातम छाया हुआ था वहाँ पर और बगल में पड़ा वो टेडी जो धीरे
- 9:22धीरे और काला होता जा रहा था। उसका रंग ऐसे निकल गया जैसे उस घर
- 9:28से खुशियां सब अजीब सा रहने लगा था।
- 9:31उनके घर में रोज़ किसी बात पर झगड़ा और फिर रोना रेखा आंटी और
- 9:37उनकी बेटी दोनों पर ये नेगेटिव एनर्जी हावी हो चुकी थी।
- 9:42और फिर वैसी ही रात जैसी उस दिन थी एक लंबी शांत रात जो किसी
- 9:48अनहोनी का अंदेशा दे रही हो। फिर उस रात वही हादसा हुआ जो
- 9:54लक्ष्मी के साथ हुआ था। अचानक उनके घर के शीशे टूट गए।
- 10:00जैसे कोई जिनका साया उनके घर में आ गया, आंटी भागकर अपनी बेटी के
- 10:06कमरे में गई और जो उन्होंने देखा उन्हें अपनी आँखों पर यकीन नहीं
- 10:11हो रहा था और मुँह से सिर्फ एक शब्द निकला जिसकी आवाज ने पूरी
- 10:17बिल्डिंग को हिला दिया था। वो ज़ोर से चिल्लाई।
- 10:21उनकी बेटी पंखे से लटकी हुई थी, मगर रूहानी जिंदा थी।
- 10:28वो बेहोशी में लटकी हुई थी। लोगों ने उसे नीचे उतारा और वो बच
- 10:34गई। रूहानी को होश में लाने के बाद जब
- 10:37उससे पूछा कि ये तुने क्या किया तो उसे कुछ याद ही नहीं था कि
- 10:43उसने ऐसा क्यों करा? फिर कुछ दिनों बाद आंटी ने वो घर
- 10:48छोड़ दिया और राजस्थान के एक डिस्ट्रिक्ट में वो घर आज भी उसी
- 10:53डर। डरावनी यादें और ऐसी ही नेगेटिव
- 10:57एनर्जीज़ के साथ बंद है रेखा आंटी को वो घर छोड़े हुए करीब 15 साल
- 11:03बीत गए लेकिन उन 15 सालों में उस जिन ने उनका पीछा नहीं छोड़ा और
- 11:10आज भी उनके घर में कुछ ना कुछ अजीब होता है।
- 11:15हादसे वैसे ही होते हैं, कभी उनकी जगह बदल जाती है तो कभी हादसा।
- 11:21किसके साथ हो रहा है? वो इंसान आखिर ऐसा क्या था उस
- 11:26टेडी में? वहाँ के लोग कहते हैं कि वो टेडी
- 11:29नहीं, एक जिन्न था। क्या हुआ था लक्ष्मी के साथ?
- 11:34उस रात फांसी से पहले और क्या हुआ था?
- 11:38हस्ती खेलती आंटी की बेटी रूहानी के साथ ये कहानी सिर्फ एक
- 11:44वार्निंग नहीं पर एक याद दिलाने वाली दास्तां है कि जिंदगी में जो
- 11:49चीजें समझ ना आए उनसे दूर रहना ही बेहतर है।
- 11:53तो क्या आप भी कभी ऐसी नेगेटिव एनर्जीज़ को महसूस कर चूके हैं?
- 11:59अपने थॉट्स कमेंट में जरूर शेयर करें।
- 12:02अगर आपके पास भी कोई कहानी है तो आप उसे मुझे डी एम कर सकते हैं या
- 12:08फिर इस ईमेल एड्रेस पर भेज सकते हैं।
- 12:10हो सकता है अगली कहानी। आपकी गाइस हमारे पोडकास्ट को
- 12:15स्पॉटिफाइ पे रेट एंड फॉलो जरूर करें।
- 12:18और अगर आप ये कहानी यूट्यूब पर सुन रहे हैं तो हमारे चैनल को
- 12:22सब्सक्राइब करें। इन कहानियों की लेटेस्ट अपडेट्स
- 12:26के लिए नोटिफिकेशन बेल्ल आइकॉन जरूर दबाएं।
- 12:29हमारे चैनल पे। ऐसी कई सारी हौंटेड स्टोरीज़
- 12:33अवेलेबल हैं सो आज ही विजिट करें और अपने फ्रेन्डस एंड फैमिली के
- 12:38साथ लेट नाइट चिल्स का मज़ा लें। धन्यवाद।
- 12:43आप सुन रहे थे दी हॉरर शो ब्य कार्णिक।