Latest / The Horror Show by Karnik / Tona Totka Aur Ek Aatma | Episode 39 | Hindi Horror Stories | The Horror Show by Karnik
Transcript
- 0:00क्या होता अगर आपके हाथ में एक दिया हो तो ना सिर्फ आपकी किस्मत
- 0:04बल्कि जिंदगी भी बदल दे वीर और रमेश ने एक पुरानी कहानी को सिर्फ
- 0:09अपना एंटरटेनमेंट समझा पर इस रात उन्होंने गलती की एक टोने टोटके
- 0:15का दिया जिसे जलाना। मतलब आत्मा को अपने पास बुलाना था
- 0:21पर जब ये दिया बूझ जाता है तो उस आत्मा का इंतजार खत्म हो जाता है।
- 0:27रमेश और वीर ने समझा था की ये बस एक खेल है, लेकिन कभी कभी खेल के
- 0:34नतीजे इतने खौफनाक होते हैं। क्नॉइस कि वो हमें अपने सपनों में
- 0:38भी जीने नहीं देते। क्या वीर और रमेश अपनी गलती से
- 0:43सीख पाएंगे या फिर ये दिया उनकी मौत की वजह बन जाएगा?
- 0:50डर की नई दुनिया में आपका स्वागत क्नॉइस।
- 0:55नमस्कार दोस्तों, आप सुन रहे हैं हॉरर शुबक करने।
- 0:59हमारी आज की कहानी शुरू होती है वीर से।
- 1:03वीर एक छोटे से गांव में रहता था जहाँ पर जिंदगी नीम के पेड़ के
- 1:07ठंडे साए और कच्चे रास्तों की धूल से लिपटी रहती थी।
- 1:12गांव के लोग भले ही दिन में। खेतों में खेती करते थे पर रात
- 1:17आते ही चूल्हे की रौशनी में बैठ कहानियों सुनाकर अपनी थकान मिटा
- 1:22लेते थे। वीर भी ऐसे ही एक परिवार का
- 1:25हिस्सा था। उसके बचपन की हर रात दादी के पास
- 1:29बैठ पुरानी कहानियों सुनते सुनते ही गुजरती थी।
- 1:33कभी राजा रानी के अफसाने तो कभी चुड़ैलो के किस्से और कभी ऐसे टूट
- 1:39के जो सुनने में सिर्फ कहानी लगते थे पर उनमें हमेशा एक गहरा काला
- 1:45सच छुपा होता था। एक ऐसी ही रात।
- 1:49चूल्हे की बुझती आग और नीम के पेड़ से आती हल्की हवा के बीच
- 1:54दादी ने एक अजीब सी बात बताई। वो बोली की आज मैं तुम्हें गांव
- 1:59का एक ऐसा किस्सा सुनाती हूँ तो सुनके तुम्हें यकीन नहीं होगा।
- 2:06अपने गांव के बड़ी चौक पर अगर कोई चार दिए जलाता है तो एक दिया
- 2:12हमेशा बूझ जाता है और उस दिये को जो फिर से जलाने की कोशिश करता है
- 2:18उसकी मौत हो जाती है। दादी की आवाज में एक घबराहट थी।
- 2:24जैसे वो किसी पुराने किस्से को याद कर रही हो।
- 2:28वीर और उसका दोस्त रमेश जो उस दिन बैठकर दादी की बातें सुन रहे थे।
- 2:34हँसी मजाक में इस बात को एक भूतिया जोक समझने लगे।
- 2:39रमेश ने कहा, अरे दादी आप भी ना। कौन मानता है आजकल?
- 2:43ऐसे टोटको को? दादी के चेहरे पर वो एक्सप्रेशंस
- 2:47और उनकी आँखों की गहराई वीर के दिल में एक हल्का सा डर जरूर पैदा
- 2:52कर रही थी जो वो किसी से कह नहीं सकता था।
- 2:57फिर एक रात वीर और रमेश ने शर्त लगाई, क्नॉइस।
- 3:00की वो दादी की सुनाई हुई कहानी को सच में करके देखेंगे।
- 3:05रात के 10:45 बजे दोनों अपने घर से निकल पड़े।
- 3:10गांव की गलियां उस वक्त बिल्कुल खामोश थी।
- 3:13सिर्फ कुत्तों के भौकने की आवाज़ें दूर कहीं से सुनाई दे रही
- 3:17थी। क्नॉइस गहरी काली रात थी उस रात
- 3:21का चाँद भी कहीं बादलों में छिपा हुआ था।
- 3:25थोड़ी देर चलने के बाद वो दोनों बड़ी चौक पर पहुँच गए।
- 3:30वहाँ का मंजर अलग ही था। चौक के बीच में एक पुराना पीपल का
- 3:35पेड़ था। जो अंधेरे में और भी डरावना लग
- 3:39रहा था। पेड़ के चारों तरफ लोगों ने कई
- 3:43सारे डोरे बांध रखे थे और जमीन पर टूटी हुई मूर्तियां एक अजीब
- 3:49खामोशी को और भयानक बना रही थी। हल्की हवा चल रही थी जो पीपल की
- 3:55पत्तियों को। खुसपुसाहट की तरह हिला रही थी
- 4:00जैसे वो दोनों की बातें सुन रही थी, एक पल के लिए रुका मैं पीछे
- 4:07मुड़ के देखा लेकिन सिर्फ अंधेरा ही था।
- 4:12रमेश ने हँसी में कहा अबे डर मत। बस दिए जलाने हैं और मैं शर्त जीत
- 4:19जाऊंगा। रमेश चौक के चार कोने पर दिए रखने
- 4:23लगा। रमेश एक एक करके दिए जलाता गया जब
- 4:27चारों दिए जल गए दोनों 1 मिनट तक खामोशी से खड़े रहे हर तरफ।
- 4:33बस दीये के हल्के उजालों का एक पहरा था जो हवा के साथ हल्का सा
- 4:39हिल रहा था। पहले कुछ नहीं हुआ और दोनों मन ही
- 4:44मन में अपनी हँसी रोकने की कोशिश कर रहे थे, लेकिन फिर एक दिया
- 4:50अचानक से पहुँच गया। वीर हंसते हुए बोला, देखा दादी की
- 4:57कहानी गलत थी, ये बस हवाएं हैं। उसके शब्दों में एक हल्का सा डर
- 5:04भी छुपा हुआ था। रमेश ने भी हँसी में उसे सपोर्ट
- 5:08करते हुए कहा, हाँ यार हवा ही है, चल दोबारा जलाते हैं।
- 5:13रमेश ने दिया दोबारा जलाने के लिए माचिस जलाई ने दिया दोबारा जलाया
- 5:18लेकिन तभी उसके कान के पास से एक हल्की सी आवाज हुई जैसे कोई उसे
- 5:24कुछ बोल रहा हो। रमेश एक पल के लिए रुक गया।
- 5:29उसका मन घबरा गया। उसने धीरे से मुड़कर पीछे देखा
- 5:34लेकिन वहाँ कोई नहीं था। हवा के झोंके में एक अजीब सा
- 5:40एहसास जैसे कोई वहाँ उन्हें देख रहा हो।
- 5:44रमेश ने धीरे से कहा, फिर तुने कुछ?
- 5:48सुना क्या? वीर हंसते हंसते बोला अबे हवा है,
- 5:54चल घर चलते हैं दादी को बोलना की अगली बार कोई डरावनी कहानी
- 5:59सुनाएं। वो दोनों वहाँ से चले गए, लेकिन
- 6:04पीपल के पेड़ के नीचे का अंधेरा जैसे अब भी उन्हें।
- 6:08देख रहा था। उनके जाने के बाद भी अगली सुबह से
- 6:12उन दोनों के साथ अजीब चीजों का होना शुरू हो गया।
- 6:17रमेश के कमरे में सुबह उठते ही उसे एक अजीब नजारा दिखा।
- 6:22कमरे के दरवाजे से बिस्तर तक मिट्टी में गीले पांव के निशान
- 6:27बने थे। जैसे कोई रात भर उसके पास आकर
- 6:31वापस चला गया हो। वो निशान छोटे लेकिन गहरे थे जैसे
- 6:38किसी औरत के पांव के हो। रमेश ने सोचा कि शायद कोई जानवर
- 6:43होगा। पर रमेश को कहीं ना कहीं ये एहसास
- 6:47होना शुरू हो गया था कि ये नॉर्मल तो बिल्कुल नहीं है।
- 6:51रात में उसके कमरे में एक और अजीब बात हुई।
- 6:55वो जैसे ही अपनी आंख बंद करता उसे पायल की हल्की सी छन छन सुनाई
- 7:00देती। पहले रमेश ने सोचा कि ये उसकी
- 7:04इमेजिनेशन है पर फिर वो आवाज धीरे धीरे पास आने लगी जैसे कोई कमरे
- 7:12में चक्कर काट रहा हो। एक रात जब वो आवाज उसके बिस्तर के
- 7:17पास तक आ गई तो रमेश का पसीना छूट गया।
- 7:21ने अपनी आंखें खोलने की कोशिश की लेकिन वो खुल ही नहीं रही थी।
- 7:26वीर के साथ भी अजीब हादसे होने लगे थे।
- 7:30एक सुबह जब वो बाथरूम में गया तो मिरर में अपना रिफ्लेक्शन देखते
- 7:34हुए उसने एक और चेहरा देखा, एक औरत का चेहरा।
- 7:39जिसके गाल पिचके हुए थे। आंखें बिल्कुल गाली और बिखरे हुए
- 7:44बाल वीर ने घबराकर पलक झपकाई और वो चेहरा वहाँ से गायब हो गया।
- 7:51रमेश के लिए हर रात एक नाइटमेयर बन गई थी।
- 7:54हर रात उसे एक आवाज सुनाई देती थी।
- 7:58जैसे कोई उसका नाम ले रहा हो। पहले उसने इस आवाज को इग्नोर किया
- 8:04लेकिन वो आवाज अब रोज़ सुनाई देने लगी थी।
- 8:08आवाज में एक अलग सी दहशत थी जैसे वो उसे अपनी तरफ खींच रही हो।
- 8:14दोनों की हेल्त भी खराब होने लगी। रमेश का चेहरा सूखता जा रहा था और
- 8:20वीर के हाथ पैरों में अजीब सी कमजोरी महसूस होती थी।
- 8:25दोनों ने कई डॉक्टर्स के चक्कर काटे, लेकिन किसी को उनकी बिमारी
- 8:30समझ ही नहीं आई। जो दवाइयां वो लेते उनका कोई असर
- 8:35नहीं होता। सबसे अजीब बात थी दोनों की भूख।
- 8:39उन्हें एक अजीब सी भूख लगती थी जैसे वो एक इंसान का नहीं बल्कि
- 8:45दो लोगों का खाना खा रहे है। जो भी उन्हें प्लेट में मिलता वो
- 8:50एक पल में खा जाते। लेकिन उसके बाद भी उन्हें लगता कि
- 8:55जैसे उनके अंदर कोई और इंसान भी भूखा है।
- 9:00वो हर दिन थोड़े और कमजोर होते जा रहे थे जैसे उनकी जान धीरे धीरे
- 9:06उनसे निकल रही हो। ये अजीब घटनाएं उनका हिस्सा बन
- 9:11चुकी थी। जिसमें वीर और रमेश को समझ नहीं आ
- 9:15रहा था कि ये सब सिर्फ एक गलती का अंजाम है।
- 9:19क्या उन्होंने किसी आत्मा को उनकी दुनिया में बुला लिया है?
- 9:25डर के मारे रमेश और वीर ने सोचा कि अब उन्हें दादी के पास जाना ही
- 9:29होगा। दोनों अपने चेहरे पर डर और घबराहट
- 9:34छुपाते हुए दादी के पास गए। दादी को उनका हाल देखकर समझ आ गया
- 9:39था कि कुछ बहुत अजीब हो रहा है। दादी ने उन दोनों को अपनी बैठक
- 9:44में बुलाया और दोनों को अपने पास बैठने को कहा।
- 9:48वीर ने सब कुछ। दादी को बताया वो टोटका, वो दिये
- 9:52का बुध जाना और फिर जो होने लगा उसके बाद रमेश ने भी अपनी कहानी
- 9:58बताई। वो बोला की दादी हर रात हमें ऐसा
- 10:02महसूस होता है की कोई पास आ रहा हो कभी पायल की आवाज, कभी वो
- 10:08चेहरा। और अब हमारी तबियत बिगड़ती जा रही
- 10:12है। दादी ने शांत और गहरी आवाज में
- 10:15कहा, तुम दोनों ने जो दिया जलाया उसे एक आत्मा जाग चुकी है।
- 10:24एक ऐसी आत्मा जो चौक के पीपल से जुड़ी हुई है।
- 10:29वो कोई आम आत्मा नहीं है। वो एक पुरानी खूनी आत्मा है जो हर
- 10:34उस इंसान को अपना शिकार बना लेती है जो उसके रास्ते में आता है।
- 10:40दादी ने घबराहट से कहा, अब तुम दोनों को इस आत्मा को शांति देने
- 10:46के लिए अपनी गलती को समझना होगा। अपनी गलती को सुधारना होगा,
- 10:52तुम्हें उससे माफी मांगकर उसे शांति देनी होगी।
- 10:57वरना ये आत्मा तुम दोनों की जान भी ले सकती है।
- 11:02दादी की आँखों में वो डर साफ नजर आ रहा था।
- 11:07उन्होंने दोनों को सुबह के 4:00 बजे चौक वापस जाने को कहा।
- 11:12तुम दोनों को वहाँ जाना होगा और एक दिया वापस से जलाना होगा,
- 11:18लेकिन सिर्फ एक काम करना तो मैं तुम्हें पता रही।
- 11:24दादी ने आगे बताया कि जब तुम दिया जला लो तो माफी मांगना लेकिन
- 11:30ध्यान रखना जब तुम दिया जलाओ वहाँ मुड़कर मत देखना, चाहे कुछ भी हो
- 11:38उनकी आँखों में जो डर था वो देख वीर और रमेश।
- 11:42दोनों सहम चूके थे वो आगे बोली अगर तुमने वहाँ मुड़कर देखा तो
- 11:48तुम दोनों की जिंदगी कभी वापस नहीं आई।
- 11:52तुम्हें बस दिया जलाकर वहाँ से वापस आना होगा।
- 11:56वीर और रमेश दोनों थोड़ी देर तक चुप रहे।
- 11:59जैसे उनके मन में कई सारे सवाल अपना घर बना रहे थे, लेकिन दादी
- 12:06की बात उनके कानों में गूंज रही थी।
- 12:09एक अजीब सी खौफ भरी शांति थी उनके बीच में और दोनों ने एक पल के लिए
- 12:16सोचा। क्या वो वापस लौट पाएंगे?
- 12:21सुबह के 4:00 बजे थे और वीर और रमेश अपनी जान के खातिर चौक पर
- 12:26पहुंचते हैं। रात का अंधेरा अभी तक उनके ऊपर था
- 12:31और हवा के हल्की सी झोंके उनके चेहरे पर लग रहे थे।
- 12:35पूरा गांव अभी। सो रहा था।
- 12:38वहीं पुराना पीपल का पेड़ जो कभी उनके लिए बस एक सिंपल सा पेड़ था,
- 12:44आज उन्हें अपने डर से घिरा हुआ लग रहा था।
- 12:47रमेश ने दिया जला दिया जैसे दादी ने बताया था और उसने धीरे धीरे
- 12:54माफी मांगना शुरू की। उसका दिल तेजी से धड़क रहा था
- 12:59लेकिन उसी वक्त कुछ और भी महसूस हो रहा था जैसे कुछ गलत होने वाला
- 13:05हो। तभी उन्हें पीपल के पेड़ के पीछे
- 13:08कुछ दिखाई दिया। पहले तो वीर ने सोचा कि वो बस
- 13:12पेड़ की परछाई है, लेकिन। जैसे ही उसने दोबारा देखा उन्हें
- 13:18एक औरत की परछाई नजर आई। वो परछाई धीरे धीरे उनकी तरफ आए
- 13:25जा रही थी वीर के दिल में। डर बढ़ता जा रहा था पर दादी की
- 13:31बात याद करके उसने अपने आपको संभालना और आगे देखने की कोशिश
- 13:36की। रमेश ने भी कुछ ऐसा ही देखा लेकिन
- 13:41उसने अपनी नजर वहाँ से हटाने की कोशिश ही नहीं की और पीपल के पेड़
- 13:46को एक टक। देखता रहा और फिर अचानक रमेश का
- 13:51चेहरा काला हो गया। वो धीरे धीरे अपनी जगह पे फ्रिज
- 13:57हो गया। रमेश की आँखें पूरी तरह से बड़ी
- 14:01हो गई थी और उसका चेहरा एक अनजाने भय से भर गया था।
- 14:05वीर ने उसका हाथ खींचकर वहाँ से भागना चाहा।
- 14:09वीर का दिल तेजी से धड़क रहा था। वो अपने दोस्त को छोड़ के नहीं
- 14:13जाना चाहता था लेकिन कुछ समझ ही नहीं आ रहा था और वो वहाँ से चला
- 14:22गया। सुबह गांव के लोग पुराने कुएं के
- 14:25पास जाते हैं और वहाँ रमेश की लाश मिलती रमेश का चेहरा अब भी अपने
- 14:34डर को छुपाने की कोशिश कर रहा था, लेकिन उसका पूरा शरीर काला
- 14:41क्नॉइस। और ठंडा पड़ चुका वीर की आँखों
- 14:46में एक गिल्ट और खौफ था। दादी ने घबराहट भरी आवाज में कहा,
- 14:53वो कोई आम आत्मा नहीं थी। वो पीपल के पेड़ के नीचे मर चुकी
- 14:59एक औरत की आत्मा। जो अपनी मौत का बदला लेती है।
- 15:04तुम दोनों ने टोटका तोड़ने से पहले मेरी बात सुनी और तुम्हें
- 15:10बचने का मौका भी नहीं। पर रमेश ने गलती कर दी।
- 15:15उसने जो किया उसका अंजाम ऐसा ही होगा।
- 15:20उसने उस भटकती आत्मा को जिंदा किया।
- 15:23रमेश की जान उसने दी थी। दादी की बात सुनकर उसने अपने आप
- 15:30को संभालना उसे लगा जैसे कुछ उसके अंदर बदल गया हो।
- 15:36जिंदगी के सफर में कुछ चीजें। ऐसी होती है जो हमेशा आपको अपने
- 15:42साथ रखती है। चाहे आपकी मर्जी हो या ना हो।
- 15:48उस रात का डर कभी भी उसके दिल से निकल नहीं पाया और रात जब वो अपने
- 15:54कमरे में सोने जाता तो वो सोचता। कि क्या वो कभी पूरी तरह से
- 16:00नॉर्मल हो पाएगा? उस रात की याद, वो टोटका और रमेश
- 16:06की मौत और रात उसे एक नाइटमेयर बनके सताती थी।
- 16:11क्या ये सब उसके लिए एक सबक था या फिर कुछ और?
- 16:16क्या आपने कभी किसी टोटके को बस मजाक समझकर इग्नोर किया है?
- 16:22शायद आपको लगता हो की ये बस पुरानी कहानियों है वो वक्त के
- 16:27साथ बेकार हो गई। पर अगर आप ध्यान से देखें तो हर
- 16:32कहानी के पीछे एक गहरा सच छुपा होता है।
- 16:36अगली बार जब आपके सामने कोई ऐसी बात आए, एक पल के लिए रुकें,
- 16:43सोचें कहीं उसके पीछे कोई भटकता साया तो नहीं, जो अपने बीते हुए
- 16:49दर्द का बदला ले रहा है? कुछ चीजें हमेशा समझ नहीं आती।
- 16:55पर जब तक वो आपके सामने ना हो तब तक उनका सच समझना मुश्किल होता है
- 17:03तो आगे से अपनी आँखों को और ज्यादा खोल कर रखे।
- 17:07कभी कभी कुछ चीजें इतनी बास होती है कि आप उन्हें देखकर भी उन्हें
- 17:14देख नहीं पाते। क्नॉइस।
- 17:16आज की कहानी में बस इतना ही अगर आपको ये कहानी पसंद आई है, तो
- 17:21कॉमेंट्स में मुझे जरूर बताइए आपका फीड्बैक हमारे लिए बहुत
- 17:27जरूरी है। अगर आपके पास भी कोई कहानी है,
- 17:31कोई किस्सा है, तो आप उसे मुझे टी एम कर सकते हैं।
- 17:35या फिर इस ईमेल एड्रेस पर भेज सकते हैं।
- 17:38हो सकता है अगली कहानी आपकी हो, हमारे चैनल को स्पॉटिफाइ पे रेट
- 17:45जरूर करें और अगर आप ये कहानी यूट्यूब पर सुन रहे हैं तो चैनल
- 17:50को सब्सक्राइब करें और नोटिफिकेशन बेल्ल आइकॉन दबाना ना भूलें।
- 17:55जल्द ही मिलेंगे नेक्स्ट फ्राइडे एक और हॉरर कहानी के साथ धन्यवाद।
- 18:01आप सुन रहे थे दी हॉरर शो ब्य कर्णिक।